मनपसंद फिल्मी गाने या फिल्में आजकल बच्चों के लिए बहुत आसानी से इंटरनेट पर सुलभ हो जाते हैं । बच्चे तेजी से उन्हें अपने अपने दोस्तों के साथ साझा भी कर लेते हैं l सूचनाओं के इस युग में आपसी साझेदारी से वे शोषण का शिकार हो रहे हैं l वेशिवक सुरक्षा टेक फर्म द्वारा देश के 10 शहरों में कराये गये सर्वे में यह बात सामने आई है । सर्वे में यह जानने का प्रयास किया गया है l कि वर्तमान भारतीय बच्चों ऑनलाइन कितने सुरक्षित है । सर्वे में दौलतमंद परिवारों के 62 प्रतिशत बच्चों ने यह स्वीकार किया है कि वह इंटरनेट पर निजी जानकारियां दोस्तों में एक दूसरों के साथ शेयर करते हैं । मेक एफ इंडिया की अन्नदिता के अनुसार साइबर स्पेस में बच्चों के बलमन को डराने धमकाने पीछा, करवाना अशलील बातें करने के लिए और धोखाधड़ी जैसे कई खतरे बढ़ते जा रहे हैं l इस सर्व संरक्षण में देश की के कई शहरों में 500 बच्चों और 496 अभिभावको को सम्मिलित किया गया है । चौंकाने वाली बात यह है रही है कि दौलतबान परिवारों की जिन 500 बच्चों की ईमित्र आईडी है जिसमें67 प्रतिशत बच्चे 4 से 8 साल आयु वर्ग के हैं जबकि सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपना अकाउंट रखने वाले 64 पीसी बच्चे 8 से 12 साल की आयु के हैं संरक्षण के नतीजे से पता चला है कि 58% बच्चे अपने घर का पता एक दूसरों से साझा करते हैं और 40% पर अपने अपनी तस्वीरो साझा करने की बात स्वीकारी है। वही 12% ने इंटरनेट पर अपने माता-पिता की क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारियां बाटी है , जो चिंता का विषय है आजकल जिस प्रकार से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं । उसे दौर में बच्चों की नादानी और वजह से धोखाधड़ी व अन्य शोषण का शिकार होना आम बात होती जा रही हैं। माता-पिता को इस और ध्यान देना आवश्यक है कि उनके बच्चे नेट से क्या जानकारीयां ले रहे हैं , और क्या बांट रहे हैं । कहीं वे किसी परेशानी में फसने तो नहीं जा रहे हैं , या नेट में किसी गलत सोहबत में तो नहीं पड गये हैं । जिससे उन्हें बाल मस्तिक पर बुरा प्रभाव पड़ रहा हो , इन बातों का घ्यान चाहिए । यदि बच्चा पढ़ाई में पिछड़ रहा है तो उसका कारण इंटरनेट तो नहीं नेट तो नहीं है । यह पता लगाया जाना चाहिए शहरी बच्चों में इंटरनेट की लत के कारण खेलना कूदना छोटता जा रहा है इनका शारीरिक विकास बाधित हो रहा है । माता-पिता को नजर नहीं रखनी चाहिए कि उनका बच्चा नेट उपयोगी जानकारीया ले रहा है। या बुरा प्रभाव डालने वाली साइड इफेक्ट खोल कर देख रहा है । यदि हमने इन छोटी मगर जरूरी बातों पर गोर नहीं किया तो इंटरनेट बच्चों के लिए वरदान को बजाय अभिशाप न बन जाये ।
Author: Thar News Live


