विकसित भारत युवा संसद: जोधपुर की दर्शना राजपुरोहित बनीं राजस्थान की विजेता, अब दिल्ली के संसद भवन में गूंजेगी प्रदेश की आवाज

थार न्यूज़ लाइव/शंकर लाल रेवाड़िया/माय भारत राजस्थान , युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा आयोजित “राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026” के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस गरिमामय स्पर्धा में जोधपुर की दर्शना राजपुरोहित ने अपने ओजस्वी संबोधन और तार्किक कौशल के दम पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता में सवाई माधोपुर की रेणुका जांगिड़ द्वितीय और जोधपुर की राजबाला तृतीय स्थान पर रहीं। ये तीनों विजेता अब नई दिल्ली स्थित संसद भवन में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय युवा संसद में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी।राजस्थान के सभी 41 जिलों से चुनकर आए 205 युवा प्रतिनिधियों ने “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना” विषय पर अपने विचार रखे। इस उच्च स्तरीय बौद्धिक प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में इतिहास के प्रोफेसर डॉ. सोमेश कुमार, वाणिज्य के प्रोफेसर डॉ. अमर नाथ अग्रवाल, राजस्थान युवा बोर्ड के सचिव  कैलाश पहाड़िया, युवा कौशल विकास प्रकोष्ठ के राज्य समन्वयक डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत और अर्थशास्त्र की प्रोफेसर श्रीमती हेमलता मंगलानी शामिल रहे।परिणामों की घोषणा से पूर्व निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए| डॉ कृष्ण कुमार कुमावत ने युवाओं के विचारों और भाषा पर पकड़ की सराहना की, वहीं विषय सामग्री को मौलिक रखने पर जोर दिया| श्रीमती हेमलता मंगलानी ने युवाओं की वाकपटुता की सराहना करते हुए बजट के तकनीकी पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला।  कैलाश पहाड़िया ने भविष्य में प्रदर्शन सुधारने के लिए युवाओं को ‘तथ्यों के साथ संवेदनशीलता’ जोड़ने का गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि एक कुशल वक्ता वही है जो डेटा प्रस्तुत करने के साथ-साथ आम जन की भावनाओं को भी स्वर दे सके।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी और अपनी कबिलियत के बल पर राष्ट्रनिर्माण के कार्यों में योगदान देना होगा| डॉ. नीरज के. पवन, शासन सचिव, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने भी युवाओं की मौलिक सोच की सराहना की और सभी प्रतिभागियों को इस प्रकार के अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह में सभी 205 प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, वहीं शीर्ष विजेताओं को मेमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक  एस.पी. भटनागर, उपनिदेशक  राजेश चौधरी, सुश्री रितु रानी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे केवल तकनीक के उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनकर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी आहुति देंगे।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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