हवा में मचा हड़कंप: डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट में तकनीकी खराबी
लॉस एंजिल्स से साल्ट लेक सिटी जा रही डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 2311 के यात्रियों के लिए रविवार का दिन किसी बुरे सपने जैसा रहा। बोइंग 737-900ER विमान के साथ उड़ान के दौरान हुई एक तकनीकी समस्या ने विमान के केबिन में दबाव कम कर दिया, जिसके बाद पायलट को विमान को तेजी से नीचे लाना पड़ा। इस घटना के दौरान विमान अचानक 9,000 फीट की ऊंचाई पर आ गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
क्या हुआ था विमान के अंदर?
विमान के साल्ट लेक सिटी हवाई अड्डे पर उतरने से ठीक पहले केबिन का दबाव अचानक गिर गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, विमान में लगे ऑक्सीजन मास्क तुरंत नीचे गिर गए और यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए उन्हें पहनना पड़ा। tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सवार यात्रियों ने इस अनुभव को ‘काफी दर्दनाक’ और ‘डरावना’ बताया है। विमान के अचानक नीचे आने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी, लेकिन चालक दल ने स्थिति को कुशलतापूर्वक संभाला और विमान को सुरक्षित रूप से नीचे उतार लिया।
tharnewslive.com संवाददाता के अनुसार, डेल्टा एयरलाइंस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान में केबिन प्रेशराइजेशन की समस्या आई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर विमान को तेजी से नीचे लाया गया ताकि यात्री सुरक्षित रूप से सांस ले सकें।
घटना के मुख्य बिंदु
- विमान बोइंग 737-900ER मॉडल का था जो लॉस एंजिल्स से साल्ट लेक सिटी जा रहा था।
- केबिन में दबाव कम होने के कारण आपातकालीन ऑक्सीजन मास्क सक्रिय हो गए।
- पायलट ने विमान को सुरक्षित रूप से 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थिर किया।
- किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
- विमानन नियामक संस्थाएं अब इस तकनीकी खराबी की जांच कर रही हैं।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन बोइंग विमानों के साथ हाल के समय में जुड़ी तकनीकी चिंताओं ने यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। डेल्टा एयरलाइंस ने इस घटना के लिए माफी मांगी है और कहा है कि वे विमान की गहन तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Author: Thar News Live








