कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट सीमा कालीरमण का जज्बा: अर्थराइटिस और मातृत्व को मात देकर अब एशियाई खेलों में ओलंपिक का सपना

कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट सीमा कालीरमण का जज्बा: अर्थराइटिस और मातृत्व को मात देकर अब एशियाई खेलों में ओलंपिक का सपना

मातृत्व और बीमारी के बीच संघर्ष की कहानी

राष्ट्रमंडल खेल (CWG) की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण की वापसी किसी चमत्कार से कम नहीं है। एक समय ऐसा था जब गंभीर अर्थराइटिस के कारण सीमा के लिए 10 मीटर चलना भी दूभर हो गया था और वह अपने नवजात बेटे रुद्र को गोद में उठाने तक में असमर्थ थीं। मातृत्व के 11 महीने बाद खेल के मैदान में वापसी करना और फिर से अपनी फिटनेस को उस स्तर पर ले जाना, जहां से वह पदक जीत सकें, उनके अटूट संकल्प को दर्शाता है। tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सीमा ने इस कठिन दौर में अपने पति और कोच रविंद्र के सहयोग से न केवल अपनी शारीरिक क्षमता को बहाल किया, बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को मजबूत बनाया।

प्रदर्शन में निरंतर सुधार

सीमा कालीरमण ने अपनी मेहनत से साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। साल 2024 में उनका प्रदर्शन 57.19 मीटर था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत से सुधारते हुए 59.73 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) तक पहुंचाया। इस प्रदर्शन ने उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक दिलाने में मदद की। अब उनकी नजरें एशियाई खेलों पर टिकी हैं, जो उनके लिए ओलंपिक का टिकट हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकते हैं।

tharnewslive.com संवाददाता के अनुसार, सीमा का सफर उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में हार मान लेते हैं। उनका लक्ष्य अब पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है।

मुख्य बिंदु और भविष्य की राह

  • सीमा ने अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर खेल में वापसी की है।
  • मातृत्व के 11 महीने बाद उन्होंने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (59.73 मीटर) को हासिल किया।
  • एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन के जरिए वह ओलंपिक के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहती हैं।
  • पति और कोच रविंद्र का मार्गदर्शन उनकी सफलता में एक प्रमुख कारक रहा है।

एशियाई खेलों में सीमा का प्रदर्शन न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उन लाखों भारतीय महिलाओं के लिए भी एक मिसाल है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। खेल जगत की निगाहें अब उनके अगले कदम पर टिकी हैं।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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