पाकिस्तान क्रिकेट की बदहाली के लिए इमरान खान जिम्मेदार? पूर्व चीफ सेलेक्टर हारून रशीद ने खोले बड़े राज

पाकिस्तान क्रिकेट की बदहाली के लिए इमरान खान जिम्मेदार? पूर्व चीफ सेलेक्टर हारून रशीद ने खोले बड़े राज

इमरान खान के फैसलों पर उठे सवाल

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा खराब प्रदर्शन और गिरते स्तर के बीच पूर्व चीफ सेलेक्टर हारून रशीद ने एक बड़ा खुलासा किया है। रशीद ने सीधे तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार, इमरान खान द्वारा घरेलू क्रिकेट ढांचे में किए गए बदलावों ने देश की प्रतिभाओं को तराशने की प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया है।

घरेलू ढांचे में बदलाव और उसके नुकसान

हारून रशीद ने बताया कि इमरान खान ने उस समय एक हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, जो घरेलू क्रिकेट की मजबूती के लिए बेहद जरूरी था। रशीद के मुताबिक, इमरान के फैसलों के कारण फर्स्ट-क्लास टीमों की संख्या में भारी कमी आई, जिससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर कम हो गए। tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव ने जमीनी स्तर पर क्रिकेट की नींव को कमजोर कर दिया है।

इमरान खान ने हाइब्रिड मॉडल को सिरे से नकार दिया था, जिसका खामियाजा आज पाकिस्तान क्रिकेट को भुगतना पड़ रहा है। घरेलू ढांचे के साथ की गई छेड़छाड़ ने प्रतिभाओं के विकास को रोक दिया है।

भारत के मॉडल से सीख लेने की सलाह

हारून रशीद ने भारत के घरेलू क्रिकेट ढांचे की जमकर तारीफ की और पाकिस्तान को उससे सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत का लेयर्ड (स्तरित) घरेलू सिस्टम ही है जो उन्हें लगातार नई प्रतिभाएं प्रदान करता है। रशीद ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को अपनी क्रिकेट गवर्नेंस का विकेंद्रीकरण (decentralisation) करना होगा ताकि खेल को फिर से पटरी पर लाया जा सके।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • इमरान खान के दौर में घरेलू क्रिकेट के ढांचे में किए गए बदलावों को हारून रशीद ने गलत बताया।
  • फर्स्ट-क्लास टीमों की संख्या कम होने से टैलेंट पूल पर बुरा असर पड़ा है।
  • भारत के सफल घरेलू मॉडल को पाकिस्तान के लिए एक आदर्श के रूप में पेश किया गया।
  • क्रिकेट प्रशासन में विकेंद्रीकरण की मांग को रशीद ने भविष्य के लिए अनिवार्य बताया।

कुल मिलाकर, tharnewslive.com के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान क्रिकेट को अपनी खोई हुई साख वापस पाने के लिए एक व्यापक प्रशासनिक सुधार और घरेलू ढांचे के पुनर्गठन की तत्काल आवश्यकता है।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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