नूंह में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के नूंह जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मिलावटी पनीर के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में लगभग 7.6 टन पनीर को नष्ट कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये इकाइयां न केवल खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रही थीं, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही थीं।
क्या है पूरा मामला और मिलावट का सच
छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पनीर को सफेद और आकर्षक बनाने के लिए इसमें कपड़े धोने वाले व्हाइटनर और ब्लीच जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। tharnewslive.com संवाददाता के अनुसार, इन इकाइयों में स्वच्छता का नामोनिशान नहीं था और पनीर को बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए पनीर के नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण को भी भारी नुकसान
सिर्फ खाद्य सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ये इकाइयां प्रदूषण के नियमों का भी उल्लंघन कर रही थीं। जांच में पाया गया कि पनीर बनाने की प्रक्रिया के दौरान निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट जल को बिना किसी उपचार के सीधे स्थानीय नहर में बहाया जा रहा था, जिससे भूजल और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को भारी खतरा पैदा हो गया है।
मुख्य बिंदु और कार्रवाई
- लगभग 7.6 टन मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट किया गया।
- पनीर में कपड़े के व्हाइटनर और ब्लीच जैसे रसायनों की पुष्टि हुई है।
- अवैध रूप से औद्योगिक कचरा नहर में बहाने के कारण प्रदूषण विभाग ने भी नोटिस जारी किया है।
- खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
इस घटना ने एक बार फिर से खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने अब जिले भर में ऐसी अन्य इकाइयों की पहचान करने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
Author: Thar News Live








