Tharnewslive ब्यूरो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कभी एक ही स्कूल में पढ़ने वाले 81 वर्षीय बुजुर्ग ने उनसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। गुजरात के रहने वाले इस बुजुर्ग ने अपनी पुश्तैनी जमीन से जुड़े एक जटिल विवाद में सीबीआई जांच की मांग की है। यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाती है, बल्कि एक नागरिक की व्यवस्था के प्रति अटूट उम्मीद को भी बयां करती है।
पुराने दिनों की यादें और वर्तमान का संघर्ष
81 वर्षीय बुजुर्ग ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान अपने स्कूली दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे वे और नरेंद्र मोदी बचपन में साथ पढ़े थे। हालांकि, आज वे एक कठिन कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी जमीन को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो पा रही है।
क्यों जरूरी है सीबीआई जांच?
बुजुर्ग का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे हैं:
- जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर।
- स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा मामले को दबाने का प्रयास।
- पुलिस जांच में देरी और लापरवाही के आरोप।
- न्याय की प्रक्रिया में वर्षों से आ रही बाधाएं।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद बुजुर्ग ने मीडिया से कहा, ‘मुझे भरोसा है कि मेरे पुराने साथी और देश के प्रधानमंत्री मेरी व्यथा को समझेंगे और मुझे न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच का आदेश देंगे।’
आगे की राह
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आम नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री तक पहुंच और उनकी समस्याओं का समाधान कितना महत्वपूर्ण है। अब देखना यह है कि क्या इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं।
Author: Thar News Live








