Tharnewslive ब्यूरो: बीकानेर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने शहर की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। 80 वार्डों के लिए हुए कड़े मुकाबले में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। मतगणना के रुझानों और घोषित परिणामों के अनुसार, कांग्रेस ने 43 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी 25 सीटों पर सिमट गई है। चुनाव में निर्दलीयों का भी दबदबा रहा, जिन्होंने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं आरएलपी के खाते में एक सीट गई है।
दिग्गजों की हार से बीजेपी को बड़ा झटका
इस चुनाव परिणाम की सबसे बड़ी चर्चा बीजेपी के कद्दावर नेताओं की हार है। पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित की हार ने पार्टी संगठन को हैरान कर दिया है। इसके अलावा, वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सुराणा की पत्नी और नेता अशोक प्रजापत को भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सबसे चर्चित वार्ड नंबर 73 में बीजेपी के दीपक पारीक को कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मात दी, जिसके बाद कल्ला अब महापौर पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
जीत का गणित और प्रमुख आंकड़े
- कुल घोषित सीटें: 79
- कांग्रेस: 43 सीटें
- बीजेपी: 25 सीटें
- निर्दलीय: 10 सीटें
- आरएलपी: 01 सीट
बीकानेर की जनता ने विकास के एजेंडे पर मुहर लगाई है। कांग्रेस की यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की एकजुटता का परिणाम है। अब हमारा लक्ष्य शहर का सर्वांगीण विकास करना है। – स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व
वार्डवार जीत का विवरण
चुनाव में कई वार्डों में कांटे की टक्कर देखने को मिली। वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के दुर्गादास ने 1236 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, वहीं वार्ड नंबर 43 से बीजेपी के प्रकाश व्यास ने 69 वोटों से जीत हासिल की। वार्ड नंबर 69 से बीजेपी की लीला गहलोत पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थीं। कांग्रेस की इस जीत ने बीकानेर में सत्ता का समीकरण बदल दिया है और अब सभी की निगाहें महापौर के चुनाव पर टिकी हैं।
Author: Thar News Live








