Tharnewslive ब्यूरो: विश्व प्रसिद्ध सियाणा भैरव धाम में 16 और 17 सितंबर को आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के लिए तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। सियाणा श्रृंगार सेवा समिति और श्रीसियाणा भैरव नवयुवक समिति के उत्साही युवाओं ने पिछले एक महीने से दिन-रात मेहनत कर पूरे मेला क्षेत्र को दिव्य रोशनी से सजा दिया है। करीब 500 मीटर की परिधि में की गई आकर्षक विद्युत सजावट श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मेले की भव्य तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष मेले में 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। किसी भी आपात स्थिति या बिजली कटौती से निपटने के लिए ऑटोमेटिक जनरेटरों की व्यवस्था की गई है। धर्मशालाओं की साफ-सफाई और सुलभ कॉम्प्लेक्स को दुरुस्त कर लिया गया है ताकि बाहर से आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पांच साल से मीठे पानी का इंतजार
मेले की चमक-धमक के बीच ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। सियाणा प्रशासक मनोहर सिंह भाटी ने बताया कि करीब 10 साल पहले हदां से सियाणा तक 15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों से यह प्रोजेक्ट पूरी तरह ठप पड़ा है।
प्रोजेक्ट का पानी पिछले पांच साल से गांव तक नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो कि एक बड़ी विडंबना है। – मनोहर सिंह भाटी, प्रशासक
प्रशासन का रुख
पेयजल संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रोजेक्ट एक्सईएन महेश घुंघरवाल ने कहा कि उन्हें पानी की आपूर्ति बाधित होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने एईएन मुकेश भाटी को तत्काल प्रभाव से व्यवस्थाएं सुधारने और जलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।
- मेले की तिथियां: 16 और 17 सितंबर।
- अपेक्षित श्रद्धालु: 25 से 30 हजार।
- मुख्य समस्या: पिछले 5 वर्षों से पेयजल आपूर्ति का प्रोजेक्ट बंद।
- सुरक्षा: पुलिस प्रशासन को विशेष सुरक्षा के लिए पत्र भेजे गए।
Author: Thar News Live








