Tharnewslive ब्यूरो: दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिवंगत दिशा सालियान के पिता ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। यह कानूनी कदम उन बयानों के बाद उठाया गया है जिनमें आदित्य ठाकरे का नाम दिशा की मौत से जोड़ा गया था।
मानहानि का नोटिस और आरोपों की गंभीरता
दिशा सालियान के पिता ने अपने कानूनी नोटिस में स्पष्ट किया है कि उनके परिवार को बदनाम करने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और अन्य नेताओं द्वारा दिए गए बयानों से उनकी बेटी की छवि धूमिल हुई है और परिवार को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
दिशा सालियान के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की मौत को लेकर फैलाया जा रहा झूठ न केवल दुखद है, बल्कि यह कानून की प्रक्रिया का भी अपमान है। परिवार ने अब न्याय के लिए कानूनी रास्ता अख्तियार किया है।
आदित्य ठाकरे का बचाव
इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि दिशा सालियान के साथ उनका कोई परिचय नहीं था और न ही वे कभी उनसे मिले थे। ठाकरे ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित एक ‘झूठा अभियान’ करार दिया है।
सीबीआई की जांच और एफआईआर
मामले में नया मोड़ तब आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2020 में हुई दिशा सालियान की मौत के संबंध में एक एफआईआर दर्ज की। इस एफआईआर में कई प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती का उल्लेख भी किया गया है। यह जांच अब एक संवेदनशील मोड़ पर है, जहां राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
- दिशा सालियान के पिता ने 500 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है।
- आदित्य ठाकरे ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है।
- सीबीआई की जांच में कई बड़े नामों के शामिल होने से मामला और जटिल हो गया है।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और अधिक तूल पकड़ सकता है।
Author: Thar News Live








