FCRA संशोधन पर गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, आंतरिक सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

FCRA संशोधन पर गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, आंतरिक सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

Tharnewslive ब्यूरो: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में किए गए हालिया संशोधनों का पुरजोर बचाव किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये बदलाव देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और विदेशी फंडिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य थे। मंत्रालय के अनुसार, कुछ गैर-सरकारी संगठन (NGO) नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, जिससे राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि विदेशी चंदे का उपयोग देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। मंत्रालय ने संसद में पेश किए गए अपने जवाब में कहा कि FCRA के मौजूदा ढांचे में बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी धन का उपयोग केवल उन्हीं उद्देश्यों के लिए हो, जिनके लिए उसे प्राप्त किया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी संस्था को विदेशी धन का उपयोग देश की शांति और व्यवस्था को बाधित करने के लिए करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मंत्रालय का उद्देश्य केवल जवाबदेही तय करना है।

संशोधनों के मुख्य बिंदु

  • विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र।
  • NGOs के लिए बैंक खातों के संचालन में पारदर्शिता अनिवार्य।
  • विदेशी धन के हस्तांतरण पर रोक ताकि धन के स्रोत की स्पष्ट पहचान हो सके।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले संगठनों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

सरकार का मानना है कि अधिकांश NGO समाज सेवा के नेक काम में लगे हैं, लेकिन कुछ तत्व विदेशी धन का इस्तेमाल देश में अस्थिरता फैलाने के लिए कर रहे थे। नए नियमों के तहत अब प्रत्येक NGO को अपने विदेशी चंदे का विवरण डिजिटल रूप से साझा करना होगा, ताकि सरकार हर स्तर पर निगरानी रख सके। इस कदम को देश की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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