Tharnewslive ब्यूरो: आईआईटी-बॉम्बे परिसर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब एक द्वितीय वर्ष के छात्र की आत्महत्या के बाद छात्रों ने रात भर विरोध प्रदर्शन किया। इस दुखद घटना ने संस्थान के भीतर मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र के परिजनों ने संस्थान पर जातिगत भेदभाव और संस्थागत उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिससे पूरे परिसर में आक्रोश फैल गया है।
छात्रों की मांग और प्रशासन का रुख
प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान से जवाबदेही तय करने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को मजबूत करने की मांग की है। छात्रों का एक बड़ा समूह हाल के दिनों में हुई आत्महत्याओं की घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। छात्रों का कहना है कि संस्थान में एक ऐसा माहौल बन गया है जो छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है।
संस्थान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे इस घटना से बेहद दुखी हैं और किसी भी प्रकार के अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात को सिरे से खारिज किया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए आगामी परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
मुख्य बिंदु और चिंताएं
- परिजनों द्वारा जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप।
- छात्रों द्वारा हालिया आत्महत्याओं की स्वतंत्र जांच की मांग।
- संस्थान द्वारा परीक्षाओं को स्थगित करना और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास।
- परिसर में छात्रों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की तत्काल आवश्यकता।
आईआईटी-बॉम्बे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं और मामले की आंतरिक समीक्षा की जाएगी। हालांकि, छात्र संगठन किसी भी आंतरिक जांच के बजाय बाहरी एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Author: Thar News Live








