Tharnewslive ब्यूरो: आईआईटी बॉम्बे के परिसर में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे शैक्षणिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। मृतक छात्र के पिता ने अपने बेटे की आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उनका बेटा मानसिक रूप से बेहद मजबूत था और वह ऐसा कदम कभी नहीं उठा सकता था।
पिता का दावा: ‘वह बहुत मजबूत था’
छात्र के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके बेटे के व्यवहार में कोई ऐसी बात नहीं थी जिससे लगे कि वह अवसाद में है। उन्होंने संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पिता का स्पष्ट मानना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।
दादी ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप
वहीं, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मृतक की दादी ने संस्थान के कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छात्र को लगातार परेशान किया जा रहा था, जिसके कारण वह भारी तनाव में था।
दादी का आरोप है कि ‘मेरे पोते को संस्थान के भीतर ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। वह डर के साये में जी रहा था और उसे सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया।’
मामले के मुख्य बिंदु
- परिजनों ने संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट पर अविश्वास जताया है।
- छात्र के पिता ने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
- परिजनों का आरोप है कि संस्थान प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।
Author: Thar News Live








