Tharnewslive ब्यूरो: सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन ने हाल ही में साकीनाकाचा महाराजा गणेशोत्सव समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने न केवल बप्पा की पूजा-अर्चना की, बल्कि अपनी सुरीली आवाज में ‘सुखकर्ता दुखहर्ता’ गाकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।
बचपन की यादें और बप्पा का आशीर्वाद
इस अवसर पर हरिहरन ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि गणेशोत्सव का त्योहार उनके लिए हमेशा से ही विशेष रहा है। उन्होंने बताया कि किस तरह वे अपने शुरुआती जीवन में गणपति की पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों में शामिल होते थे। गायक ने कहा कि गणेशोत्सव की हर छोटी-बड़ी बात बेहद खूबसूरत और मन को शांति देने वाली होती है।
परिवार के साथ खास पल
इस वर्ष का गणेशोत्सव हरिहरन के लिए और भी अधिक यादगार रहा। उन्होंने साझा किया कि उनके जुड़वां पोते-पोतियों का यह पहला गणेशोत्सव है, जिससे वे परंपराओं के साथ और भी गहराई से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति से जोड़ना एक सुखद अनुभव है।
गणेशोत्सव की ऊर्जा और भक्ति का माहौल अद्वितीय है। जब आप बप्पा के सामने होते हैं, तो सारी थकान मिट जाती है और मन में केवल श्रद्धा का भाव रहता है।
43 फीट की भव्य प्रतिमा का आकर्षण
समारोह का मुख्य आकर्षण साकीनाकाचा महाराजा की 43 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा रही। इस विशाल और कलात्मक मूर्ति को देखने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। प्रतिमा की भव्यता ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य बिंदु:
- गायक हरिहरन ने साकीनाकाचा महाराजा के दर्शन किए।
- ‘सुखकर्ता दुखहर्ता’ की प्रस्तुति ने भक्तों को भावविभोर किया।
- हरिहरन के जुड़वां पोते-पोतियों का यह पहला गणेशोत्सव रहा।
- 43 फीट ऊंची प्रतिमा इस साल के उत्सव का मुख्य केंद्र बनी।
Author: Thar News Live








