Tharnewslive ब्यूरो: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मुंबई पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को आधिकारिक तौर पर क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की कमान एसीपी स्तर के अधिकारी संभालेंगे, जिनकी निगरानी डीसीपी डिटेक्शन-I द्वारा की जाएगी।
जांच में तेजी और पुलिस की कार्ययोजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब संस्थान के उन प्रोफेसरों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं, जिनके नाम एफआईआर में शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच आवश्यक है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनता और मीडिया से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें।
परिजनों का न्याय के लिए संघर्ष
मृतक छात्र साहिल के पिता ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने एफआईआर में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गहरा दुख जताया है। साहिल के पिता ने न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
मामले के मुख्य बिंदु:
- जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच के विशेष दल के अधीन है।
- एसीपी स्तर के अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।
- एफआईआर में नामित प्रोफेसरों से पूछताछ की तैयारी शुरू।
- परिजनों ने निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल, आईआईटी बॉम्बे परिसर में भी इस घटना को लेकर छात्रों के बीच भारी आक्रोश है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर संस्थान के आसपास सतर्कता बढ़ा दी है।
Author: Thar News Live








