Tharnewslive ब्यूरो: महाराष्ट्र एफडीए (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंडे ने विज्ञापनों में सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर एक कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले उत्पादों का प्रचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुंडे ने जोर देकर कहा कि मशहूर हस्तियों की एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी होती है और उन्हें उन उत्पादों के प्रचार से बचना चाहिए जो जनता के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
कानून से ऊपर कोई नहीं
हाल ही में, महाराष्ट्र एफडीए ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को एक विवादास्पद विज्ञापन के संबंध में नोटिस जारी किया है। इन विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से रोकने और वापस लेने का निर्देश दिया गया है। तुकाराम मुंडे ने अपने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य कानून सभी के लिए समान हैं और इसमें किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
किसी के पास भी ऐसी चीजों को बढ़ावा देने का लाइसेंस नहीं है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हों। सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि आप जिम्मेदारी से बच सकते हैं।
सेलिब्रिटीज की जवाबदेही
एफडीए आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कानूनी नोटिस ही काफी नहीं है, बल्कि सितारों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों के जरिए हानिकारक उत्पादों को बढ़ावा देना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह कानून का सीधा उल्लंघन भी है।
प्रमुख बिंदु:
- महाराष्ट्र एफडीए ने हानिकारक उत्पादों के प्रचार पर कड़ा रुख अपनाया है।
- शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए गए हैं।
- आयुक्त तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य कानून सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
- सेलिब्रिटीज को अपने विज्ञापनों की सामग्री के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह कदम स्वास्थ्य विभाग की उस मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत समाज में गलत संदेश देने वाले विज्ञापनों पर लगाम लगाई जा रही है। एफडीए की इस कार्रवाई से फिल्म जगत में हड़कंप मच गया है और अब सितारों को अपने ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर अधिक सावधानी बरतनी होगी।
Author: Thar News Live








