Tharnewslive ब्यूरो: देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान सुर्खियों में आए नरेश मीणा ने जेल से रिहाई के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जमानत मिलने के बाद अपने समर्थकों के बीच पहुंचे नरेश मीणा ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे अपने खिलाफ ‘राजनीतिक हत्या’ की साजिश करार दिया है।
कानूनी मामलों को बताया राजनीतिक हथियार
नरेश मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कानूनी दांव-पेच में उलझाकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। मीणा ने इसे ‘लोकतांत्रिक हत्या’ का नाम देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष उनके बढ़ते प्रभाव से डरा हुआ है।
मेरे खिलाफ जो भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वह न्यायसंगत नहीं बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। मुझे फंसाकर मेरी राजनीतिक हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मैं जनता के बीच अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।
उपचुनाव विवाद और बढ़ता तनाव
देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर हुए हंगामे और उसके बाद एसडीएम को थप्पड़ मारने की घटना ने नरेश मीणा को चर्चा के केंद्र में ला दिया था। इस घटना के बाद से ही उनके समर्थकों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
मुख्य बिंदु:
- नरेश मीणा ने रिहाई के बाद अपने समर्थकों को संयम बरतने की अपील की।
- उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है।
- आगामी दिनों में वे अपनी रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा कर सकते हैं।
- प्रशासन ने उनके बयानों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
फिलहाल, नरेश मीणा की रिहाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उनके समर्थकों में उत्साह है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या यह मामला आने वाले समय में कोई नया मोड़ लेगा।
Author: Thar News Live








