थार न्यूज़ लाइव संतोष रेवाड़िया जोधपुर/ कृषि वैज्ञानिक चयन मण्डल नई दिल्ली के अध्यक्ष डा. संजय कुमार ने जोधपुर काजरी शोध क्षेत्रों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों के साथ बैठक की । उन्होने कहा कि संस्थान की एग्रो-वोल्टिक प्रणाली एवं समन्वित कृषि प्रणाली ठंडे पहाड़ी क्षेत्र के इलाकों लेह लद्दाख स्फीती हिमालय शीत मरूस्थल के लिए भी बहुत उपयोगी एवं लाभकारी होगा । पूरे भारत के शुष्क क्षेत्रों की मिट्टी के नमूने सॉइल बैंक के डेटा यहाँ है जो भविष्य में शोध करने के लिए बहुत उपयोगी होंगे । आईसीएआर के अन्य संस्थानो में भी यहाँ की कृषि प्रणालियाँ अपनाने की जरूरत है संस्थान के नवाचरों से रेगिस्तान मे हरियाली बढ़ी है । उन्होंने संस्थान के विभिन्न कृषि मॉडल को बहुत ही व्यवहार्यता बताया । खेतों में खरपतावार नियंत्रण बेहतर तरीके से किया गया । कृषि भूमि कम हो रही है ऐसे में संरक्षित खेती नेट हाउस पोली हाउस का उपयोग बढेगा । शोध उपलब्धियों से देश में कृषि उत्पादन बढे किसान की आय अधिक हो समृद्धि एवं खुशहाली के लिए खेत हरे-भरे रहे इसके लिए वैज्ञानिक शोध कार्य में जुटे रहें । उन्होंने बेर उद्यान में बेर की बम्पर फसल देखकर ख़ुशी जाहिर की तथा चैरी टमाटर एवं बेर का जायका भी लिया । उन्होने कहा की संस्थान में काजरी निदेशक डा. ओ.पी. यादव के कुशल नेतृत्व में जो शोध कार्य हुए वे सराहनीय है इसके लिए उन्होने डॉ यादव एवं वैज्ञानिकों को बधाई दी ।काजरी निदेशक डा. ओ.पी. यादव ने संस्थान की शोध गतिविधियों उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी । किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों पौधों तकनीकियों को प्रदान किया जाता है । प्रशिक्षण द्वारा उनकी कौशलता को बढाया जाता है । ड्रेगन फ्रूट और अंजीर पर शोध कार्य हो रहा है जिनके सकारात्मक परिणाम मिल रहे है । कम लागत के नेट हाउस विकसित किए गए है । संस्थान को शोध उपलब्धियों के लिए आठ अवार्ड मिले । विभागाध्यक्ष डा. पी सान्तरा डा. एचएल. खुशवाहा डा. पीसी. महाराणा डा. एस.पी.एस. तंवर डा. सुमन्त व्यास डा. धीरज सिंह डॉ एनआर पँवार, डा. बीएस राठोड़ डा. एचआर महला ने अपने अपने विभागों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन डॉ सोमा श्रीवास्तव ने किया तथा डॉ सांतरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया
Author: Thar News Live



