NMC की चेतावनी: फैकल्टी डेटा अपडेट करना अनिवार्य
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश भर के मेडिकल कॉलेजों को एक बेहद सख्त निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि मेडिकल कॉलेजों ने अपनी फैकल्टी के रजिस्ट्रेशन नंबर को अटेंडेंस सिस्टम में अपडेट नहीं किया, तो संबंधित शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति को ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह कदम चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
मामले का पूरा विवरण और कारण
हाल ही में NMC द्वारा किए गए एक ऑडिट में पाया गया कि कई मेडिकल कॉलेजों के डेटाबेस में फैकल्टी के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कॉलम खाली छोड़े गए हैं। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी मेडिकल संस्थानों को एक महीने का समय दिया है। tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के भीतर सभी मेडिकल फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टर्स की प्रोफाइल को पूरी तरह से अपडेट करना अनिवार्य है। यदि कोई कॉलेज इस समय सीमा के भीतर डेटा अपडेट नहीं करता है, तो सिस्टम स्वतः ही संबंधित शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने से इनकार कर देगा।
NMC के अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने और वास्तविक फैकल्टी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य बिंदु और प्रभाव
- सभी मेडिकल फैकल्टी और रेजिडेंट्स के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर अपडेट करना अनिवार्य है।
- नॉन-मेडिकल फैकल्टी के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर के कॉलम में ‘NA’ (Not Applicable) दर्ज करना होगा।
- एक महीने की समय सीमा समाप्त होने के बाद, डेटा न होने पर अटेंडेंस ब्लॉक कर दी जाएगी।
- यह कदम मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की वास्तविक उपलब्धता की निगरानी के लिए उठाया गया है।
NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और प्रिंसिपल्स को निर्देश दिया है कि वे अपने संस्थानों के डेटा की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि सभी जानकारी सटीक है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
Author: Thar News Live








