tharnewslive.com ब्यूरो: रणथंभौर नेशनल पार्क की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पार्क के प्रतिबंधित और संवेदनशील क्षेत्रों में बार-बार घुसपैठ करने वाले लोगों के खिलाफ विभाग ने न केवल भारी जुर्माना लगाया है, बल्कि भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी भी जारी की है। यह कदम उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पर्यटन के नाम पर या अन्य कारणों से नियमों को ताक पर रखकर कोर जोन में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं।
मामले की पूरी जानकारी
रणथंभौर के वन अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्थानीय लोग और पर्यटक प्रतिबंधित रास्तों से होकर जंगल के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में मानवीय दखल से न केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह बेहद खतरनाक है। वन विभाग की टीम ने विशेष गश्त के दौरान ऐसे कई उल्लंघनकर्ताओं को रंगे हाथों पकड़ा है, जो पहले भी चेतावनी मिलने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे।
वन विभाग का सख्त रुख
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘रणथंभौर की पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ भारी जुर्माना भी वसूला जा रहा है।’
मुख्य बिंदु और कार्रवाई
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
- बार-बार पकड़े जाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
- पार्क की सुरक्षा के लिए ड्रोन और अतिरिक्त गश्ती दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
- पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे केवल निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें।
वन विभाग की इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जो जंगल के नियमों को हल्के में लेते थे। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में निगरानी और अधिक कड़ी की जाएगी ताकि रणथंभौर के वन्यजीवों को एक सुरक्षित वातावरण मिल सके।
Author: Thar News Live







