पाकिस्तान क्रिकेट में अंदरूनी कलह का खुलासा
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने अपने इस्तीफे के बाद एक बड़ा खुलासा किया है, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल 2024 में टीम की बागडोर संभालने वाले गिलेस्पी ने दिसंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें टीम की तेज गेंदबाजी संस्कृति को फिर से जीवंत करने के स्पष्ट विजन के साथ लाया गया था, लेकिन चयन प्रक्रिया में हुए बदलावों ने सब कुछ बिगाड़ दिया।
जावेद के आने के बाद बदली तस्वीर
tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, गिलेस्पी ने बताया कि जब आकिब जावेद को मुख्य चयनकर्ता बनाया गया, तो टीम के प्रबंधन और चयन के तौर-तरीकों में अचानक बदलाव आया। गिलेस्पी का मानना है कि उनके विजन को दरकिनार कर दिया गया और चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप बढ़ा, जिससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने इशारों-इशारों में एक ऐसे ‘अछूत’ व्यक्ति का जिक्र किया, जो पर्दे के पीछे से पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर रहा था और जिसके कारण टीम का संतुलन बिगड़ गया।
tharnewslive.com संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि टीम के भीतर पावर स्ट्रगल और चयन समिति के हस्तक्षेप ने गिलेस्पी जैसे अनुभवी कोच के लिए काम करना मुश्किल बना दिया था।
मुख्य बिंदु और प्रभाव
- गिलेस्पी का विजन पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी को नई धार देना था।
- आकिब जावेद के मुख्य चयनकर्ता बनने के बाद टीम के फैसलों में बदलाव आया।
- कोच ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपने काम के दौरान सम्मान नहीं मिला।
- पाकिस्तान क्रिकेट की अस्थिरता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान क्रिकेट में व्याप्त गुटबाजी और प्रशासनिक हस्तक्षेप को एक बार फिर उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पीसीबी ने अपनी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती, तो भविष्य में भी कोचों का टिकना मुश्किल होगा।
Author: Thar News Live








