पेहोवा में किसानों का शक्ति प्रदर्शन
हरियाणा के पेहोवा में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि सरकार ने 15 सितंबर तक धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शुरू करने की घोषणा नहीं की, तो किसान सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
मुख्य मांगें और सरकार पर दबाव
tharnewslive.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, किसानों का कहना है कि हर साल धान की कटाई के समय उन्हें मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नमी के नाम पर फसल की खरीद में देरी और बिचौलियों के दखल से किसान पहले ही परेशान हैं। महापंचायत में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस बार वे किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे और समय पर खरीद प्रक्रिया शुरू करना सरकार की जिम्मेदारी है।
“किसानों की मेहनत का उचित मूल्य मिलना उनका अधिकार है। यदि सरकार 15 सितंबर तक धान खरीद की पुख्ता व्यवस्था नहीं करती है, तो हम बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे,” महापंचायत में उपस्थित किसान नेताओं ने कहा।
आंदोलन की आगामी रणनीति
- 15 सितंबर तक धान खरीद शुरू करने की मांग।
- नमी के नाम पर किसानों का शोषण बंद करने की चेतावनी।
- मंडियों में पर्याप्त बारदाने और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग।
- मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी।
इस महापंचायत ने हरियाणा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। tharnewslive.com संवाददाता के अनुसार, प्रशासन अब स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय हो गया है, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
Author: Thar News Live








