Tharnewslive ब्यूरो: साल 2020 में हुई दिशा सालियन की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर ली है, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसी अब उन सभी पहलुओं को खंगालने की तैयारी में है, जिन्हें लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे थे।
जांच के दायरे में बड़े नाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीबीआई की इस जांच में न केवल दिशा सालियन की मौत की परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी, बल्कि साक्ष्यों को नष्ट करने और पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग के आरोपों की भी गहन पड़ताल होगी। इस मामले में आदित्य ठाकरे सहित कई प्रमुख राजनेताओं और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
सीबीआई की विशेष टीम, जिसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, अब दिशा सालियन केस की जांच की कमान संभालेगी। यह कदम उच्च न्यायालय के उस निर्देश के बाद उठाया गया है जिसमें हत्या के कोण से जांच करने की बात कही गई थी।
जांच के मुख्य बिंदु
- साक्ष्यों को छुपाने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों की जांच।
- तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और सार्वजनिक सेवकों की भूमिका का विश्लेषण।
- घटनास्थल से जुड़े दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का पुनर्मूल्यांकन।
- उच्च न्यायालय के आदेशानुसार हत्या के एंगल से विस्तृत पड़ताल।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस FIR के दर्ज होने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह जांच सच को सामने लाने के लिए जरूरी थी, जबकि संबंधित पक्षों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। सीबीआई अब जल्द ही मामले से जुड़े प्रमुख गवाहों को समन भेजकर उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
Author: Thar News Live








