Tharnewslive ब्यूरो: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मध्य रेलवे प्रशासन ने मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के 43 रेलवे स्टेशनों पर ‘इमरजेंसी मेडिकल रूम’ (EMR) स्थापित करने के लिए निविदाएं (tenders) आमंत्रित की हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गोल्डन आवर के दौरान यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
मुंबई की लोकल ट्रेनों में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। भीड़भाड़ और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अक्सर यात्रियों को अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार की सुविधा न होने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। रेलवे के इस निर्णय से अब यात्रियों को दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने पर तुरंत मदद मिल सकेगी।
क्या सुविधाएं मिलेंगी?
प्रस्तावित मेडिकल रूम में प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी और आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध होंगे। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य अस्पताल ले जाने से पहले मरीज को स्थिर करना है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 43 स्टेशनों पर मेडिकल रूम होने से हम किसी भी आपातकालीन स्थिति में मिनटों के भीतर प्रतिक्रिया देने में सक्षम होंगे।
प्रमुख बिंदु:
- कुल 43 उपनगरीय स्टेशनों का चयन किया गया है।
- इमरजेंसी मेडिकल रूम 24/7 सक्रिय रहेंगे।
- गोल्डन आवर के दौरान जान बचाने में मिलेगी मदद।
- प्रशिक्षित स्टाफ और एम्बुलेंस की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ाएगी, बल्कि उपनगरीय यात्रा को और अधिक सुरक्षित और मानवीय बनाएगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इन केंद्रों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Author: Thar News Live








