Tharnewslive ब्यूरो: मुंबई की खाद्य संस्कृति में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले प्रतिष्ठित ‘कैफे मोंडेगर’ पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की हालिया कार्रवाई ने शहर के खाने-पीने के शौकीनों के बीच हड़कंप मचा दिया है। गणेशोत्सव के दौरान चलाए गए विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत FDA ने कई बड़े प्रतिष्ठानों की जांच की, जिसमें गंभीर खामियां पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।
FDA की सख्ती और नौ प्रतिष्ठानों पर गाज
गणेशोत्सव के दौरान शहर भर में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए FDA ने एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया था। इस दौरान स्वच्छता मानकों का पालन न करने और लाइसेंस संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण कुल नौ भोजनालयों और कैफे के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें दक्षिण मुंबई का प्रसिद्ध कैफे मोंडेगर भी शामिल है, जो अपनी ऐतिहासिक विरासत और पर्यटकों के बीच लोकप्रियता के लिए जाना जाता है।
FDA के अधिकारियों का कहना है कि जन स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के दौरान रसोई में स्वच्छता का अभाव, एक्सपायरी डेट वाली सामग्री का उपयोग और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों की कमी जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए हैं।
ग्राहकों में चिंता और सुरक्षा की मांग
इस कार्रवाई के बाद मुंबई के आम ग्राहकों में बाहर का खाना खाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में लोग अब अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट्स की स्वच्छता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए कई होटल संचालकों ने अब अपने प्रोटोकॉल को सख्त करना शुरू कर दिया है।
खाद्य सुरक्षा के लिए मुख्य बिंदु:
- रसोई की नियमित स्वच्छता और कीट नियंत्रण (Pest Control) अनिवार्य है।
- सभी खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए FSSAI के मानकों का पालन जरूरी है।
- कर्मचारियों का नियमित मेडिकल चेकअप और स्वच्छता प्रशिक्षण आवश्यक है।
- लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्रों का प्रदर्शन हर प्रतिष्ठान के लिए अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से होटल उद्योग में एक सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे ग्राहकों का भरोसा फिर से बहाल हो सकेगा। फिलहाल, कैफे मोंडेगर और अन्य प्रभावित प्रतिष्ठानों को दोबारा संचालन शुरू करने के लिए FDA द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा।
Author: Thar News Live








