Tharnewslive ब्यूरो: मुंबई की सांस्कृतिक पहचान और गणेशोत्सव की आत्मा कहे जाने वाले लालबाग और उसके आसपास के इलाके इस साल एक ऐतिहासिक पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। शहर के प्रमुख गणेश मंडल अपनी शताब्दी वर्ष की भव्य तैयारियों में जुटे हैं, जहां कला और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
लालबागचा राजा: 93वें वर्ष में शिवमय दर्शन
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस साल अपने 93वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस बार का आकर्षण 12 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा है, जिसे एक विशाल शिव मंदिर की पृष्ठभूमि में स्थापित किया गया है। यह संयोजन न केवल भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है, बल्कि कलात्मक बारीकियों के कारण भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
चिंचपोकली का चिंतामणि: तिरुपति बालाजी की झलक
चिंचपोकली चा चिंतामणि मंडल ने अपने 107वें वर्ष में एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। मंडल ने अपने पंडाल को तिरुपति बालाजी मंदिर की प्रतिकृति के रूप में तैयार किया है। इस भव्य निर्माण को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो मंदिर की वास्तुकला और गणेश प्रतिमा के सामंजस्य को देखकर अभिभूत हैं।
गणेशोत्सव मुंबई की जीवनरेखा है। हमारे मंडल का प्रयास है कि हम अपनी परंपराओं को आधुनिक तकनीक और कला के साथ जोड़कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। – मंडल प्रवक्ता
अन्य मंडलों की अनूठी पहल
- गणेश गल्ली: इस वर्ष मंडल ने पंढरपुर की संत परंपरा को अपनी थीम बनाया है, जो महाराष्ट्र की भक्ति संस्कृति को जीवंत करती है।
- जीएसबी सेवा मंडल: अपनी पारंपरिक भव्यता को बरकरार रखते हुए, जीएसबी का स्वर्ण प्रतिमा वाला पंडाल हमेशा की तरह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मुंबई के ये प्रमुख मंडल न केवल धार्मिक आयोजन कर रहे हैं, बल्कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा दे रहे हैं। जैसे-जैसे ये मंडल अपनी शताब्दी की ओर बढ़ रहे हैं, इनकी भव्यता और रचनात्मकता का स्तर भी लगातार ऊंचा होता जा रहा है।
Author: Thar News Live








