Tharnewslive ब्यूरो: सुप्रीम कोर्ट ने ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड के दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई (रिमिशन) की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने दारा सिंह को अपनी याचिका में आवश्यक संशोधन करने को कहा है ताकि उनकी राहत की मांग पर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मामले की पृष्ठभूमि
साल 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। निचली अदालत ने दारा सिंह को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
न्यायमूर्ति की पीठ ने स्पष्ट किया कि रिमिशन की मांग करने वाली दारा सिंह की वर्तमान याचिका में कुछ तकनीकी खामियां हैं। अदालत ने कहा कि जब तक याचिका को कानूनी रूप से सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक राहत पर विचार करना संभव नहीं होगा।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता को अपनी अर्जी में उन सभी कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करना होगा जो समय पूर्व रिहाई के लिए अनिवार्य हैं।
मुख्य बिंदु
- दारा सिंह 20 से अधिक वर्षों से जेल की सजा काट रहे हैं।
- याचिका में रिहाई के लिए मानवीय आधार और जेल में बिताए गए समय का हवाला दिया गया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से भी इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश प्रक्रियात्मक है। दारा सिंह के वकीलों को अब संशोधित याचिका दाखिल करनी होगी, जिसके बाद ही अदालत अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।
Author: Thar News Live








