Tharnewslive ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट के ढांचे को और अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी घरेलू सत्र से अंपायरों और मैच रेफरी के मैच शुल्क में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव 2026-27 के सत्र से प्रभावी होगा, जो दलीप ट्रॉफी के समापन के बाद 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली रणजी ट्रॉफी के साथ गति पकड़ेगा।
घरेलू क्रिकेट की रीढ़ को मजबूती
BCCI का यह निर्णय घरेलू क्रिकेट में काम करने वाले अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अंपायरिंग और मैच रेफरी की भूमिका अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है, और बोर्ड का मानना है कि उनके पारिश्रमिक में वृद्धि से इस क्षेत्र में अधिक प्रतिभाएं आकर्षित होंगी।
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य घरेलू क्रिकेट के हर स्तर पर पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अंपायर और मैच रेफरी हमारे खेल के अनसंग हीरोज हैं, और उनकी मेहनत का उचित सम्मान किया जाना चाहिए।’
प्रमुख बिंदु:
- 2026-27 सत्र से अंपायरों और मैच रेफरी की फीस में इजाफा होगा।
- रणजी ट्रॉफी 11 अक्टूबर से शुरू होकर घरेलू सत्र की मुख्य कड़ी बनेगी।
- यह निर्णय घरेलू क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बीसीसीआई की व्यापक योजना का हिस्सा है।
भारतीय क्रिकेट में घरेलू स्तर पर अंपायरों की भूमिका को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही थीं। इस वेतन वृद्धि के साथ, बीसीसीआई उम्मीद कर रहा है कि अंपायरिंग के स्तर में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।
Author: Thar News Live








