Tharnewslive ब्यूरो: फिल्म निर्माता तिग्मांशु धूलिया की आगामी फिल्म ‘घमासान’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। इस फिल्म में अरशद वारसी और प्रतीक गांधी जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि इन दोनों दिग्गज अभिनेताओं ने पूरी फिल्म की शूटिंग के दौरान एक भी सीन साथ में शूट नहीं किया है।
क्यों अलग-अलग शूट किए गए दृश्य?
तिग्मांशु धूलिया ने इस अनूठी रणनीति के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए बताया कि यह निर्णय कहानी की मांग और किरदारों की गहराई को ध्यान में रखकर लिया गया था। फिल्म में अरशद वारसी एक खूंखार डकैत ‘महाराज’ की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि प्रतीक गांधी एक एसटीएफ अधिकारी ‘आदित्य’ के किरदार में हैं। निर्देशक का मानना है कि दोनों के बीच के तनाव को पर्दे पर और अधिक प्रभावी ढंग से दिखाने के लिए उन्हें अलग-अलग रखना जरूरी था।
तिग्मांशु धूलिया ने कहा, ‘अरशद वारसी ने महाराज के किरदार में जिस तरह की क्रूरता और संयम का मिश्रण दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। हमने जानबूझकर उनके और प्रतीक के दृश्यों को अलग रखा ताकि उनके बीच की वैचारिक और शारीरिक दूरी का तनाव दर्शकों को महसूस हो सके।’
फिल्म की मुख्य विशेषताएं
- फिल्म में डकैतों के दौर और पुलिसिया कार्रवाई के बीच का संघर्ष दिखाया गया है।
- अरशद वारसी का किरदार एक जटिल डकैत का है, जो अपनी शर्तों पर जीता है।
- प्रतीक गांधी का एसटीएफ अधिकारी का किरदार कानून और व्यवस्था के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है।
- क्लाइमेक्स में एक हिंसक टकराव दिखाया गया है, जो राजनीतिक अनसुलझे मुद्दों की ओर इशारा करता है।
यह फिल्म केवल एक एक्शन ड्रामा नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था और अपराध के बीच के उस धुंधले दायरे की कहानी है, जहां सही और गलत का फैसला करना मुश्किल हो जाता है। ‘घमासान’ के क्लाइमेक्स में होने वाला आमना-सामना फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा।
Author: Thar News Live








