Tharnewslive ब्यूरो: जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव की गहमागहमी के बीच राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं और बाड़ेबंदी की राजनीति के चलते भारतीय जनता पार्टी ने अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें शहर के अलग-अलग होटलों में शिफ्ट कर दिया है। यह कदम पार्टी की ओर से अपनी जीत सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की सेंधमारी को रोकने के लिए उठाया गया है।
राजनीतिक बाड़ेबंदी और रणनीति
जयपुर में मेयर पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला है। बीजेपी नेतृत्व को डर है कि चुनाव के अंतिम क्षणों में पार्षदों को प्रलोभन देकर या दबाव बनाकर पाला बदलवाया जा सकता है। इसी को देखते हुए पार्टी के रणनीतिकारों ने पार्षदों को एक साथ रखने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्षदों को पूरी तरह से निगरानी में रखा गया है और उनके फोन कॉल से लेकर बाहरी लोगों से मुलाकात तक पर प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या है विपक्ष का रुख?
कांग्रेस ने बीजेपी की इस बाड़ेबंदी पर तंज कसते हुए कहा है कि यह उनकी हार का डर है। बीजेपी को अपने ही पार्षदों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए उन्हें होटलों में कैद किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- मेयर चुनाव के लिए बीजेपी ने पार्षदों की घेराबंदी तेज की।
- क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए पार्षदों को अज्ञात स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
- पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार पार्षदों के संपर्क में हैं।
- चुनाव परिणाम को लेकर दोनों दलों में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
आगामी चुनाव के परिणाम न केवल मेयर का भविष्य तय करेंगे, बल्कि जयपुर की राजनीति में आने वाले समय की दिशा भी निर्धारित करेंगे। फिलहाल, शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर किसी की नजरें मतदान के दिन पर टिकी हैं।
Author: Thar News Live








