Tharnewslive ब्यूरो: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) में खाने की थाली के दामों में 10 रुपये की बढ़ोतरी ने छात्र संगठनों को लामबंद कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ छात्रों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पहले से ही कई छात्र अपनी छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के भुगतान में देरी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
छात्रों की मांग: बढ़ी हुई दरें वापस लें
विश्वविद्यालय के कैंटीन में भोजन की कीमतों में हुई अचानक वृद्धि ने छात्रों के बजट को बिगाड़ दिया है। छात्र संगठनों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पहले से ही पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में खाने के दाम बढ़ाना पूरी तरह से अनुचित है।
विद्यार्थी संघर्ष कृति समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि हम विश्वविद्यालय प्रशासन को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसमें छात्रों की वास्तविक आर्थिक स्थिति को दर्शाया जाएगा। यदि प्रशासन ने जल्द ही बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लीं, तो हम उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ABVP ने दी आंदोलन की चेतावनी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपना लिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया और दरों को वापस नहीं लिया, तो कैंपस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु:
- भोजन की थाली में 10 रुपये की बढ़ोतरी से छात्रों में असंतोष।
- स्कॉलरशिप के भुगतान में देरी से छात्रों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ीं।
- विद्यार्थी संघर्ष कृति समिति द्वारा व्यापक छात्र सर्वेक्षण की तैयारी।
- ABVP ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए आंदोलन की दी धमकी।
फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन छात्रों का बढ़ता दबाव प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
Author: Thar News Live








