Tharnewslive ब्यूरो: आईआईटी बॉम्बे के परिसर में एक बार फिर मातम पसर गया है। शुक्रवार शाम को संस्थान के एक द्वितीय वर्ष के छात्र ने आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे शैक्षणिक जगत में शोक की लहर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र पर हाल ही में हुई एक परीक्षा के दौरान एआई (AI) प्लेटफॉर्म का उपयोग करके उत्तर खोजने का आरोप लगा था।
संस्थान का आधिकारिक रुख
इस दुखद घटना के बाद संस्थान की ओर से एक बयान जारी किया गया है। आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। प्रशासन ने कहा, ‘हम इस कठिन समय में छात्र के परिवार के साथ खड़े हैं और मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है।’
छात्रों का आक्रोश और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान से मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों की समीक्षा करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि शैक्षणिक दबाव और भविष्य की चिंताएं युवाओं को बेहद कमजोर बना रही हैं।
छात्रों का कहना है कि संस्थान को केवल अकादमिक प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक गहरी समस्या का संकेत है।
जुलाई में भी हुई थी ऐसी ही घटना
यह दुखद घटना उसी हॉस्टल में हुई है जहां 28 जुलाई को एक अन्य छात्र ने आत्महत्या की थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने आईआईटी बॉम्बे की सुरक्षा और छात्र कल्याण नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख बिंदु:
- मृतक छात्र द्वितीय वर्ष का इंजीनियरिंग छात्र था।
- परीक्षा में एआई का उपयोग करने का आरोप लगा था।
- संस्थान ने किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से इनकार किया है।
- कैंपस में छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर तंत्र की मांग की है।
Author: Thar News Live








