Tharnewslive ब्यूरो: शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन मामले में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। इस मामले में कानूनी रुख अपनाते हुए ठाकरे ने मानहानि का नोटिस भेजकर 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
दिशा सालियन की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आया हुआ है। विपक्ष द्वारा लगातार आदित्य ठाकरे का नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी, जिसे लेकर उन्होंने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है। ठाकरे का कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के उनके नाम का इस्तेमाल करना न केवल गलत है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
कानूनी कार्रवाई का आधार
आदित्य ठाकरे के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं। समाज में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिसके लिए अब जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन मामले से किसी भी तरह के संबंध को पूरी तरह नकारा।
- झूठे आरोपों के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस जारी किया गया।
- ठाकरे ने इसे अपनी राजनीतिक छवि खराब करने का एक प्रयास बताया।
- मामले में शामिल लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में किसी भी तरह की कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे और सच्चाई को सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वर्तमान में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Author: Thar News Live








