आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-15): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु और श्री लक्ष्मी जी), पूजा विधान एवं महात्म्य

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-15): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु और श्री लक्ष्मी जी), पूजा विधान एवं महात्म्य

Tharnewslive धर्म-अध्यात्म: 2026-10-15 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु और श्री लक्ष्मी जी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु और श्री लक्ष्मी जी

आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत उत्तम है। अपने दैनिक कर्मों को निष्काम भाव से करते हुए जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करें। इस धार्मिक आचरण से जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का वास होता है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके पश्चात भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी के विग्रह का गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक कर पीले पुष्प, रोक्षत, चंदन तथा तुलसी दल अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें और घी का दीपक जलाकर आरती संपन्न करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। प्राचीन काल में देवताओं ने भी असुरों पर विजय पाने और लोक कल्याण के लिए इसी विधि से महाविष्णु की आराधना की थी। सच्चे मन से जो भक्त इस व्रत और पूजन को करता है, उसे तीनों लोकों में यश और अंत में बैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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