आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-22): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी), पूजा विधान एवं महात्म्य

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-22): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी), पूजा विधान एवं महात्म्य

Tharnewslive धर्म-अध्यात्म: 2026-10-22 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी

आज का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी है। साधक को आज के दिन परोपकार, सत्य भाषण और गौसेवा जैसे सत्कर्मों का पालन करना चाहिए। इस पावन व्रत के प्रभाव से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है तथा सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र पीले वस्त्र धारण करें। ईशान कोण में एक चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें तथा शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, रो अक्षत और पंचामृत का भोग अर्पित करें तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार देवर्षि नारद ने लोक कल्याण के लिए भगवान विष्णु से इस व्रत के महात्म्य के बारे में पूछा था। प्रभु ने बताया कि जो भक्त सच्चे मन से विधि-विधान पूर्वक इस व्रत का पालन करता है, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। माता लक्ष्मी की कृपा से उसके घर में कभी भी अन्न और धन का अभाव नहीं रहता तथा जीवन के अंत में उसे वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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