बाड़मेर,नींव’ कार्यक्रम  CUET के माध्यम से सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की महिमा और फ़ायदों से हुए रूबरू,शिक्षा ही किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है-शिव विधायक भाटी

  • थार न्यूज़ लाइव शंकर लाल रेवाड़िया/बाड़मेर/शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की पहल पर आयोजित ‘नींव’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन बाड़मेर के महावीर टाउन हॉल में किया गया। यह कार्यक्रम पश्चिमी राजस्थान के सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आया। CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) से जुड़ी प्रामाणिक, व्यावहारिक और मार्गदर्शक जानकारी प्राप्त करने के लिए हज़ारों की संख्या में युवा एवं विद्यार्थी कार्यक्रम में पहुँचे, जिससे पूरा सभागार युवाओं के उत्साह और जिज्ञासा से सराबोर नजर आया।कार्यक्रम के दौरान शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थी प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प में किसी से कम नहीं हैं, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर के अवसरों तक पहुँच की है। विधायक भाटी ने युवाओं को CUET के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थियों को सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की महिमा और उनके फ़ायदों को समझना अत्यंत आवश्यक है। केंद्रीय विश्वविद्यालय न केवल उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि यहाँ से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर अवसर, प्रतिस्पर्धी माहौल और समग्र व्यक्तित्व विकास का मंच भी मिलता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह अवसर जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है।कार्यक्रम में CUET से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया—• CUET के अंतर्गत आने वाले विश्वविद्यालय एवं उनकी उपादेयता विषय पर वक्तव्य देते हुए डॉ. विक्रमादित्य राठौड़, असिस्टेंट प्रोफेसर (लॉ), ILS Law College, पुणे विश्वविद्यालय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों की अकादमिक उत्कृष्टता, बहुआयामी पाठ्यक्रम, शोध-संस्कृति और वैश्विक मान्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटीज विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि सोचने-समझने की वैज्ञानिक दृष्टि और नेतृत्व क्षमता भी प्रदान करती हैं।• CUET की आवेदन प्रक्रिया, अहर्ताएं एवं आवश्यक दस्तावेज विषय पर डॉ. गोविन्द इनखिया, एसोसिएट प्रोफेसर (राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय सम्बन्ध), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली ने आवेदन से जुड़ी बारीकियों को सरल और क्रमबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि सही जानकारी और समयबद्ध तैयारी से किसी भी तरह की तकनीकी बाधा को आसानी से दूर किया जा सकता है।• CUET परीक्षा पैटर्न, सिलेबस एवं तैयारी प्रबंधन विषय पर डॉ. ईश्वरदान चारण, असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास विभाग), सत्यवती कॉलेज ने परीक्षा की संरचना, विषयवार रणनीति, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को सही दिशा देने का स्पष्ट रोडमैप मिला।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद एवं घोषणासत्र का संचालन गणपत सिंह राजपुरोहित, सक्सेस प्वाइंट संस्थान के मार्गदर्शक द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि ‘नींव’ जैसे कार्यक्रम पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।समग्र रूप से ‘नींव’ कार्यक्रम केवल एक सेमिनार नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के युवाओं के लिए सपनों, संभावनाओं और सशक्त भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम साबित हुआ—जहाँ उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की महिमा, उनके फ़ायदे और CUET के माध्यम से मिलने वाले अवसरों की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई।
Thar News Live
Author: Thar News Live

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