आयुर्वेद विश्वविद्यालय में सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम की ऑफलाइन ट्रेनिंग शुरू, विभिन्न राज्यों के बत्तीस प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण

जोधपुर, 17 अगस्त 2026। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग की ओर से आयोजित एक माह के सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम के छह दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सत्रह अगस्त दो हजार छब्बीस को हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के अभिनंदन के साथ किया गया। पाठ्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रतिभागियों ने अपना आत्म परिचय दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविन्द सहाय शुक्ल ने की।अपने संबोधन में कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल ने आयुर्वेद में महर्षि चरक के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वर्तमान संदर्भों में समझना तथा उसका निरंतर अभ्यास आवश्यक है।उन्होंने नाड़ी परीक्षा को रोगी परीक्षण एवं रोग निदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी नाड़ी परीक्षा की इस प्राचीन विधा में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने नाड़ी परीक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम के सफल आयोजन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं।इसके पश्चात नाड़ी परीक्षण के छह दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। महाराष्ट्र के सोलापुर की नाड़ी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉक्टर शिल्पा यर्मे द्वारा प्रतिभागियों को नाड़ी परीक्षण की बारीकियों, नाड़ी के विभिन्न आयामों तथा रोग निदान में नाड़ी की भूमिका के संबंध में विस्तृत प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष प्रदर्शन एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से नाड़ी परीक्षण की विभिन्न तकनीकों को समझाया गया।एक माह के सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से कुल बत्तीस प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी सम्मिलित हैं।पाठ्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ-साथ छह दिवसीय ऑफलाइन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को नाड़ी परीक्षण का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है।इस अवसर पर प्रोफेसर डॉक्टर महेंद्र कुमार शर्मा, प्रोफेसर डॉक्टर गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रोफेसर डॉक्टर देवेंद्र सिंह चाहर, प्रोफेसर डॉक्टर मनोज कुमार अदलखा, डॉक्टर राकेश कुमार शर्मा, रसायनशाला के डॉक्टर विजय पाल त्यागी सहित अन्य संकाय सदस्य, विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी तथा क्रिया शारीर एवं अन्य विभागों के समस्त पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर डॉक्टर चंदन सिंह, प्राचार्य एवं निदेशक, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जोधपुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

Thar News Live
Author: Thar News Live

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